UA-37077090-1 A sad Hindi Love Story about a boy and girl -Why it happened with me? part 3 hindi font,

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A sad Hindi Love Story about a boy and girl -Why it happened with me? part 3 in hindi font


a sad love story i love you.बहुत देर तक हम सब खामोश बैठे रहे. फिर सीमा ने चुप्पी तोड़ी और बोली, अनिता, चलो देर हो रही है. घर चलते हैं. मैं राजेश के मम्मी और पापा को नमस्ते कर के उठी और बाहर आ गयी. बाहर आ कर मैने दरवाजे से फिर पलट कर देखा तो राजेश बहुत गहरी नींद में सोया हुआ मालूम पड़ा.

घर आ कर हम दोनों ने बहुत देर तक गप्पें मारी. मैं उसके और वो मेरे कॉलेज के किससे पूचछती रही. हम दोनों दिन भर हंसते रहे और बातें करते रहे. पता ही नही चला की कब शाम हो गयी. अचानक मौसा जी की गाड़ी की आवाज़ आई तो हम कमरे से बाहर आए. मौसा जी को देखते ही जाने क्यूँ मुझे राजेश का ध्यान फिर से आ गया. मैने पूचछा – मौसा जी, राजेश कैसा है अब. मौसा जी ने कहा पता नहीं बेटा. मैं लौटते वक़्त वहाँ से नहीं हो कर आया. और फिर अब तो उसके मम्मी-पापा आ गये हैं. कोई ज़रूरत होगी तो हमें बता ही देंगे वो लोग.

(A sad Hindi Love Story about a boy and girl -Why it happened with me? part 1)

बात तो मौसा जी की सही थी पर जाने क्यूँ मुझे ऐसा लगा की राजेश के मम्मी-पापा की आ जाने से हमारा फर्ज़ ख़तम नहीं हो जाता. पर जाने क्यूँ मैं कुच्छ कह नहीं पे.

रत को जब खाना खा कर हम सोन एके लिए सीमा के कमरे में गये तो सीमा ने अचानक मुझसे पूछ लिया –अनिता, क्या बात है? तुम कुछ खोई खोई लग रही हो? मैने सकपका कर कहा नहीं तो, ऐसा कुछ भी नहीं है पागल. मैं भला राजेश के बारे में क्यूँ सोचने लगी?

ये कहते ही मैने अपनी जीभ काट ली. अंजाने में मेरे मुँह से मेरे मान की बात बाहर आ गयी तही. सीमा हँसने लगी. बोली, पकड़ी गयी ना चोरी! मैं तो सुबह अस्पताल से ही देख रही हूँ कि तुम्हारा ध्यान उस लड़के में ही अटका हुआ है.


(A sad Hindi Love Story about a boy and girl -Why it happened with me? part 1)

मैं कहा – धत, पागल. इतना बड़ा अक्सीडेंट हुआ है तो ध्यान तो जाएगा ही. मैने कभी ऐसी दुर्घटना अपनी आँखों से नहीं देखी थी. सीमा लेकिन कहाँ मानने वाली थी. मुझे राजेश का नाम लेले कर छेड़ने लगी. बोली, ऐसा करते हैं की जब राजेश ठीक हो जाएगा तो उसे यहीं अपने घर ले आएँगे, क्यूँ, कैसा रहेगा? मैने कहा, तेरा घर है जिसे चाहे रख, मुझे क्या. ऐसे ही हँसी-मज़ाक करते करते हमें नींद आ गयी.

रात को अचानक मेरी नींद खुली. ऐसा लगा कोई मुझे हिला रहा है. मेरी आँख खुली तो देखा कोई नहीं था. सीमा दूसरे बेड पे आराम से सोई हुई थी. अचानक मुझे ध्यान आया की मैं क्या सपना देख रही थी.

सपने में मैने देखा की राजेश हमारे घर के बाहर खड़ा है. उसके शरीर पर कोई चोट या पट्टी नहीं है और वो एक गहरे नीले रंग की टी-शर्ट और जींस पहने हुए खड़ा है. टी-शर्ट पे लिखा है – आई लव यू. और उसके हाथों में एक फूलों का गुलदस्ता है. मेरी मौसी बाहर गयी तो उसने पूछा की क्या अनिता यहाँ रहती है? तो मौसी जी ने कहा की हां. अंदर आ जाओ बेटा. अंदर आ कर वो मेरे पास आया और फूलों का गुलदस्ता मेरे हाथ में देकर बोला – थैंक यू.

मैं शर्मा गयी. मेरी कुछ समझ में नहीं आया की क्या कहूँ. वहीं पर मौसी जी और सीमा भी तो थी. तभी सीमा ने ज़ोर से मेरा हाथ पकड़ा और हिला कर बोली – कुछ तो बोल, क्या हो गया?

उसे हाथ के झटके से मेरी नींद खुल गयी. पहले तो मेरे होठों पे मुस्कान आई और फिर सीमा पर बहुत गुस्सा आया. इतनी ज़ोर से हाथ हिलाने की क्या ज़रूरत थी भला. खैर सपने की बात सपने तक ही ठीक है, ये सोच कर मैं फिर लेट गयी. लेकिन बहुत देर तक राजेश का स्मार्ट चेहरा मेरी आँखों के सामने तैरता रहा.

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Updated: December 1, 2014 — 12:05 am

2 Comments

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  1. SHi h yll me bhi kisiko pyar krti ht uska name depak h par wo mujhe bilkul pasnd nhi karta or meri mom ki death ho gai h

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