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A sad Hindi Love Story about a boy and girl -Why it happened with me? part 4 in hindi


अगले दिन मेरी नींद बहुत जल्दी खुल गयी. उठी तो देखा की सीमा अभी भी सो रही है. मैं बाहर आई तो देखा मौसा जी सुबह सुबह तैयार हो कर जा रहे थे. मैने पूछा – मौसा जी, इतनी सुबह सुबह कहाँ जा रहें हैं. मौसा जी बोले – हॉस्पिटल से फोन आया है की राजेश के पोलीस स्टेट्मेंट वग़ैरा लेने के लिए पोलीस स्टेशन से ऑफीसर आए हैं तो उसके पेरेंट्स ने बुलाया है. मेरे मुँह से अचानक निकल पड़ा – राजेश से मिलने तो मैं भी जाऊंगी. मौसा जी बोले थोड़ी देर में मैं जीप वापस भेज दूँगा तुम आ जाना अभी तुम्हें तैयार होने में टाइम लगेगा, मुझे देर हो जाएगी.

मैने फटाफट जाकर सीमा को उठाया. रात को राजेश को लेकर हुई सारी शरारत मेरे दिमाग़ से एकदम भूल गयी थी. सीमा के उठते ही मैं बोली – चल उठ, जल्दी तैयार हो, राजेश से मिलने जाना नहीं है क्या? सीमा उठी और बहुत देर तक मेरे चेहरे की और देखती रही, बोली – तो तू जा ना, मैं क्या करूँगी. दिल तो तेरा आ रहा है ना उस पर. बस ये कहते ही मुझे रात की बात याद आ गयी. मैने तकिया उठाया और उसके सिर पे दे मारा. बोली – शैतान, तेरी ज़ुबान बहुत चलने लगी है.

सीमा बोली- मेरी ज़ुबान की छोड़, अपने दिल की फ़िक्र कर. फिर वो मेरी और शरारत से देखने लगी. अचानक हम दोनों के चेहरे पर एक साथ हँसी आ गयी और हम हँसने लगे और फिर सीमा मेरे गले से लग गयी. बोली – अनिता, राजेश वैसे है तो वाकई में हॅंडसम. और मैं फिर शर्मा गयी.

(A sad Hindi Love Story about a boy and girl -Why it happened with me? part 1)

खैर, हम बाहर आ कर फ्रेश वग़ैरा हो कर ब्रेकफ़स्ट करने लगे. तभी बाहर हॉर्न बजा – लगता है जीप आ गयी. पापा ने भिजवाई होगी. हम बाहर आए और जीप में बैठ गये. ड्राइवर ने जीप हॉस्पिटल की और दौड़ा दी. 10 मिनिट में ही हम हॉस्पिटल पहुँच गये. उतरते ही मैं तेज कदमों से सीधा राजेश के कमरे की और चल पड़ी. सीमा रुक रुक ही करती रह गयी और मैं राजेश के कमरे में घुस गयी.

अंदर पहुँच कर देखा तो राजेश तकिये के सहारे बैठा हुआ था. मैने उसके पास जाकर पूछा – कैसे हो? राजेश के चेहरे पे हल्की सी मुस्कुराहट आई और वो बड़ी धीमी आवाज़ में बोला – आइ एम ओके. लेकिन साफ दिख रहा था कि इतना बोलने में भी उसको बहुत तकलीफ़ हो रही थी. मैं उसके पास ही बैठ गयी. सीमा भी पास में ही कुर्सी पर बैठ गयी.

तभी उसके पापा अंदर आ गये. शायद पोलीस वालों को छोड़ने गये थे. अंदर आकर जैसे ही मुझे देखा तो मैने कहा अंकल – नमस्ते. उन्होने आ कर बड़े स्नेह से मेरे सर पर हाथ रख कहा – नमस्ते बेटा. तुम कैसी हो. मैने कहा – ठीक हूँ अंकल. राजेश की तबीयत कैसी है. बोले – बेटा, वैसे तो ख़तरे की कोई बता नहीं है पर डॉक्टर ने कहा है 10-12 दिन से पहले छुट्टी नहीं मिलेगी. काफ़ी चोट आई है. अंदरूनी चोटें भी हैं.

ये सुनकर जहाँ मुझे दुख होना चाहिए था वहीं अंदर से जैसे पता नहीं कौन सी खुशी महसूस हुई. जैसे की अगले दस-बारह दिनों तक राजेश से मिल पाने का मौका कोई बहुत खुशी की बात हो.


सीमा उठी और बाहर की और चली गयी. तभी अंकल के मोबाइल पर भी कोई फोन आया तो वो भी बाहर की और चले गये. उनके बाहर जाते ही राजेश ने मेरा हाथ अपने हाथ में ले कर कहा – थैंक यू. मेरे तो जैसे सारे शरीर में बिजली दौड़ गयी हो, ऐसा लगा. उसका हाथ बहुत हल्के से मेरे हाथ पर था. मैने दूसरा हाथ से उसका हाथ थम कर कहा – थॅंक्स किस बात के लिए? राजेश बोला – तुम नहीं होती तो… मैं अचानक अपने हाथ को उस के मुँह पर रख कर बोली – ऐसा नहीं कहते.

फिर बहुत देर तक हम दोनों ऐसे ही हाथों में हाथ रखे बैठे रहे. अचानक मुझे किसी के पैरों की आहट सुनाई दी तो मेरा ध्यान दरवाजे की और गया. देखा तो सीमा खड़ी हुई मुस्कुरा रही थी. मैने झट से अपना हाथ वापस खींच लिया. मैं राजेश से बोली – अब तुम आराम करो, मैं चलती हूँ.

राजेश बोला – फिर आओगी ना? मैने कहा, ज़रूर. उसके चेहरे पे बड़ी स्वीट सी मुस्कान फैल गयी. मैने फिर बाइ बाइ किया और बाहर आ गयी. बाहर आकर मैने सीमा के कान पकड़े और बोली – बदतमीज़, बहुत खी खी कर हंस रही थी, क्या बात है? सीमा बोली – लव स्टोरी सही जा रही है अनिता, एकदम सही.

फिर हम दोनों हँसने लगे. हंसते हंसते हम जीप के पास आ गये और ड्राइवर को बोला, चलो, घर चलो.

(A sad Hindi Love Story about a boy and girl -Why it happened with me? part 1)

शाम को हम बाजार घूमने गये. हमने कुछ कपड़े खरीदे और ऐसे ही टाइम पास करने के लिए एक से दूसरी दुकान में जाते रहे. मेरी नज़र ऐसे ही एक किताब की दुकान पर पड़ी तो मेरे दिमाग़ में एक ख़याल आया. मैं अंदर गयी और एक गेट वेल सून कार्ड लिया जिसपे एक टेडी बीयर बना हुआ था जिसकी बेली पे लिखा था – आइ लव यू.

उसे लेकर मैने अपने बैग में छुपा लिया. और बाहर आ गयी. सीमा बोली – कहाँ गयी थी अचानक? मैं तुझे ढूँढने ही वाली थी. मैने कहा ऐसे ही एक पेन खरीदने गयी थी पर कोई अच्छा पेन नहीं मिला. फिर हम घर वापस आ गये.

 


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Updated: December 1, 2014 — 12:05 am

7 Comments

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  1. Apki story bhut achi hai muje aage ke part bhi pdne hai . Plz update next part soon

  2. आगे क्या हुआ????
    आगला पार्ट कब update करोगी??
    plz update next part soon…..

  3. Nice story next part u will write then call me 09437811749

  4. prince of sundarpur

    bery bery nice

  5. Satender, thanks. Story update ho gayee hai.

  6. apki story bahut achi thi lekin muje aage ke part bhi padne hai plz jaldi likna

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