UA-37077090-1 A Sad Love Story - the last doll आखिरी गुड़िया

HINDI LOVE STORY

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A Sad Hindi Love Story – the last doll आखिरी गुड़िया


A Sad Hindi Love Story – the last doll आखिरी गुड़िया 

दोस्तों मेरा नाम साधना है. मैं आपसे अपनी sad love story in hindi सैड लव स्टोरी शेयर कर रही हूँ.

 

मेरा एक बाय्फ्रेंड था. उसका नाम था जतिन .पिछले साल तक मैं उसे अपना सिर्फ़ दोस्त ही समझती थी. लेकिन जब हम पिछले साल एक  पिक्निक पर गये तो मुझे लगा की मैं उसे लव करने लगी हूँ. मैने उसे अपने दिल की बात कह दी. उसने भी कहा की वो मुझसे  लव करता है लेकिन मुझसे कह नहीं पाता था.

 

जल्दी ही हम पूरे स्कूल में लवर्स मशहूर हो गये. लेकिन हमारे प्यार में एक फ़र्क था. जहाँ मैं उसे दिलो-जान से चाहती थी,वो हमेशा और लड़कियों से भी बात करता रहता था. कभी कभी मुझे लगता कि  मैं उसके लिए बहुत सी लड़कियों में एक लड़की हूँ

 

एक दिन मैने उसे पूछा –जतिन , मेरे साथ जब तक है जान मूवी देखने चलोगे? जतिन ने नहीं कह दिया, बोला – मुझे एक दोस्त के पास काम से जाना है.

 

उसके साफ माना करने पर मुझे बहुत बुरा लगा. वो अक्सर ऐसा ही करता था. मेरे सामने ही बहुत बहुत देर तक और लड़कियों से बात भी करता रहता था.

 

हमारे  लव में  लव का वर्ड सिर्फ़ मेरी ज़ुबान पर ही आता था. उसने तो शायद ही कहा हो कभी – आई लव यू  , सिवाय शुरुआत के.

 

हमेशा ऐसा ही चलता था. बस वो अक्सर मुझे एक गुड़िया ज़रूर देता रहता था जो गुलाबी कपड़े पहने होती थी. मेरीकुछ समझ नहीं आता था. लेकिन  जतिन ने दी है यही सोच कर मैं हर गुड़िया अपने घर ले जाती रही.

ऐसे ही एक दिन मैने कहा – जतिन सुनो!

उसने कहा – क्या है. जल्दी कहो ना?

मैने कहा – आई लव यू  जातीं.

जतिन ने कहा,हाँ , वो तो मुझे पता है. लो ये गुड़िया लो, घर जाओ.

 

ऐसे ही मेरा कमरा उसकी दी हुई गुडियों से भरता गया. एक, दो,तीन ……. ऐसे ही 200 गुड़िया हो गयी मेरे पास.

फिर मेरा 16वा बर्थडे  आया. मैने  सोचा कि अब तो ज़रूर वो मुझसे कुछ रोमॅंटिक बात कहेगा. मैं बहुत एक्साईटेड थी. मैं सोच रही थी की वो मुझे पार्टी देगा. फिल्म दिखाएगा वग़ैरा वग़ैरा.

 

लेकिन सारा दिन निकल गया और मैं उसके आने का या फोन कॉल का इंतज़ार करती रही. सारा दिन, सारी शाम बीत गयी कोई फोन तक नहीं आया.

 

फिर अचानक रात को बारह बजने से ठीक पहले जतिन का फोन आया – बाहर आओ. मैं घर से बाहर आए तो देखा की जतिन वही गुड़िया ले कर खड़ा है. गुस्सा भी आया और उसके आने की खुशी भी थी.

मैने कहा – ये क्या?

उसने कहा की ये मैने दिन में नहीं दी ना इसलिए अभी दे रहा हूँ. बाइ.

बाइ करके वो चला गया. मुझे बहुत बुरा लगा.

 

मैने पीछे से उसे आवाज़ दी . बोली – जतिन तुम्हें पता है आज कौन सा दिन है?

उसने कहा – नहीं, कौन सा दिन है आज?

फिर वो चल दिया. मैने गुस्से से कहा. रूको, कहो कि तुम मुझसे प्यार करते हो! कहो – यूं लव मी !

जतिन बोला – प्यार इतना आसानी से नहीं होता,ना ही ऐसे कहा जाता है. और वो चला गया. मैं तो रो पड़ी. सुबह होने तक मैं रोती  रही.

 

जाने क्यों मैं उसे मिलना नहीं  छोड़ पे और वो हमेशा मुझे एक छोटी सी गुड़िया देता रहा.

 

एक दिन मैं जब स्कूल से बाहर आई तो देखा की वो एक दूसरी लड़की के साथ सड़क पे जा रहा था. और वो उसे ऐसे घुल-मिल के बात कर रहा था और मुस्कुरा रहा था जैसे मेरे साथ कभी नहीं करता था.

 

मैं रो पड़ी. रोते रोते घर आई और उन सारी गुडियों पर नज़र डाली जो मेरे कमरे में थी उसकी दी हुई. मुझे लगा की ये सारी गुड़िया मेरा मुँह चिढा रही हैं. मैने गुस्से में वो सारी गुड़ियां उठाई और ज़मीन पे फेंक दी .


अचानक उसका फोन आया. बोला, जल्दी से घर के बाहर पार्क में आओ. मुझे गुस्सा तो बहुत आ रहा था पर मैं चली गयी. मिली तो बोली क्या है? उसने फिर एक बड़ी सी गुड़िया मेरे हाथ में रख दी .

 

मैने कहा- नहीं चाहिए मुझे तुम्हारी गुड़िया. क्या है ये सब? न तो मुझे ये गुड़िया चाहिए न मुझे तुमसे अब मिलना है. ये कह के मैने वो गुड़िया वहीं ज़मीन पे पटक दी .

पहली बार उसकी आँखों में कोई इमोशन नज़र आया. उसकी आँखों में आँसू थे. वो बोला – आई एम् सॉरी. और वो जाकर उस गुड़िया को उठाने लगा. मैं चिल्लाई – अब उस गुड़िया को उठाने की क्या ज़रूरत है, पड़ी रहने दो उसे वहीं पे.

 

लेकिन वो सड़क के किनारे उसे उठा कर खड़ा हुआ मेरी देखने लगा.

 

अचानक एक ट्रक बड़ी तेज़ी से आया. लेकिन जतिन अपनी जगह से हिला ही नहीं। मैं चिल्लाई – जतिन, हटो, हटो.

लेकिन वो बस गुड़िया हाथ में लिए मेरी और देखता रहा.

 

भड़ाम ………….!!!

 

इस तरह जतिन मेरी जिंदगी से चला गया.

 

उसके जाने के बाद एक एक दिन मैने कैसेगुजारा, मैं ही जानती हूँ. रो रो के मेरा बुराहाल था।  कई महीने ऐसे ही बीत गये.

 

फिर एक दिन मैने ऐसे ही उसकी एक गुड़िया उठा ली. यही तो उसकी निशानियाँ थी मेरे पास.

मैने उसके साथ बिताए हुए दिन याद करके एक एक  गुड़िया उठाने लगी – एक, दो,तीन ,…… और गिनती 453 तक पहुँच गयी. मैं रो पड़ी, रोते मेरी उस हाथ की मुट्ठी बंध  गयी जिसमें मैंने गुडिया पकड़ी हुई थी . अचानक आवाज़ आई – आई लव यू, आई लव यू, आई लव यू …!!!

 

मैं चौंक पड़ी – ये जतिन की आवाज़ कहाँ से आई. अचानक ध्यान गया कि  मैने गुड़िया के पेट पे कस के दबाया तो फिर आवाज़ आई – आई लव यू ,

आई लव यू I Love You

आई लव यू I Love You

आई लव यू I Love You

आई लव यू I Love You

 

जतिन की आवाज़ अब रुक ही नही रही थी. मैने एक के बाद दूसरी गुड़िया उठा कर उसका पेट दबाया तो यही आवाज़ आ रही थी

 

आई लव यू I Love You

आई लव यू I Love You

आई लव यू I Love You

आई लव यू I Love You

 

फिर मैने आख़िरी गुड़िया जो मैने सड़क पर फेंक दी थी वो उठा कर उसका पेट दबाया तो जतिन की आवाज़ आई -तुम्हें शायद पता न हो, लेकिन मैं तुमसे बेइंतहा प्यार करता हूँ. I Love You .

 

मेरे गाल पे आँसू बह निकले. मैने सर उठाया  और रोते रोते भगवान सेपूछा कि ये मुझे इतनी देर से आज क्यूँ पता चला कि जतिन मुझसे कितना प्यार करता है?

 

दोस्तों आपकी समझ में आए तो बताइए मैं क्या करूँ?

Moral of this sad love story in hindi: friends, it is not necessary that your laver or boyfriend/girlfriend will always say that he or she loves you. There are different ways to express love and some persons choose subtle ways to express love. They do it by means of giving gifts or books or small things. each gift has a hidden message of love.

 


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Updated: November 23, 2014 — 8:27 pm

19 Comments

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  1. I miss my gf…jyoti sharma….

  2. Ap ne kabi jatin se dil se pyar nahi kiya tha ….

  3. isme mai kuch nhi kh skta lekin glti na tumhari hai or na hi jtin ki

  4. Alok Kumar Shrivastav

    kyu kisi ko itni bdi sja milti h bgagwan today i will really emotional ad upset dosto.

  5. Realy. Its heart touching story. Pyaar. Ye word i think abhi tak koi nahi samajh paya. Isme jo hota hai vo dikhta nahi aur jo nahi hota vo dikhta hai. I wish ab aap apne future par dhyaan de. Take care.

  6. it’s not true….

  7. Ek bulbul thi jo ek chaman me rahati thi.per sirf ek white rose se pyar tha .us rose se bahut pyar karati thi din bhar usi per madarate rahati thi.ek din himmat karke white rose ko dil ki baat batai .white rose ne kaha ki meri dili tamanna hai ki mai red rose ban jawoo.agar tum mujhe red kor do to mai tumara pyar accept kar lunga.ek din bulbul ne ek khatarnak kadam udai .use kanto se apni rare sarir ko chir dali aur tapakte khooo se whi
    bahati hawaon ke sath jhumane laga.bulbul badi pyar se us jhumate rose ko dekh rahi.per jayada der tak dekh na saki,jindagi ki aakhari sans li aur ankh sada ke liye band kar li.this is true love.

  8. Share ur love feeling bid us
    Love guru
    9759997242

  9. aapki sichuasn kafi taph hai but aap koi accha sa ladka psand krke uske sath dosti kar ke apne purane gam ko bhula sakti hai jab puri tarh se gam mit jaye to aap kisi aour se love ke bare me soch sakti hai

  10. Sad story. . . . But i dont think so its true, well tc-cre

  11. dosto maine bhi pyar kiya tha pr wo ladki mujhse pyar nhi krti thi

  12. main nhi janti pyar kya huta h…………..but koi ye khata h mujhe se vo mujhe bhut pyar krta h mger kya sach main pyar huta h …………vo apni life uske sath nhi bitata skti hu kyu ki vo mere nature se bilkul different h…………vo sirf aaj or abhi ki souch ta h or main apni puri lifr ke bare main sochti hu ……….main kya karu?

  13. tum kiska intajar kr rhe hu ager vo tumhri huti tu tumhe jarur milegi

  14. Mer jindagi ka pahal aur aakhiri pyar…
    My love story: main ek ladki pyar karta hun.
    Usaka ghar mere ghar se 200 miter ki doori par hai aur har roz mai ek dukan par jata tha,
    rasta usake ghar samne se tha esliye hamari mulakat har roz ho jati thi aur vah mujhe dekhkar jarur hasti thi lekin na mai kuchh kahta tha aur na wo khuch kahati thi kucha dino bad wah apne jija ghar chali fir mujhe pata chala ki wo padae karane k liye waha par gayi mujhe kuchh v achh nahi lagat esliye mai v surat chla gaya
    phir 2 saal bad baad hamari mulat fhi hue waise hi phir hasti mai kuch kah nahipata tha phir mai bina bataye wapas surat chala gaya,
    mujhe ghar par na pakar wo mere doston se mere baare me puchane lagi aur mera no. Mangane lagi kuchh dino bad mai khud hiwaps aagaya fir mai usake ghar k taraf gaya aur usase meri mulakat hue aur mai no. Dete hua kaha mujhe tumse kuchh bat karni thodi der bad usaka fone wo kya bat hai jaldi bolo mai bola itani jaldi nahi bol sakta fhir wo boli mere paas mobil nahi maine kaha mabil chahiye wo boli sirf aaj raat bhar k liye dedo maine apna mobil de dediya fhir bat hue aur wo boli meri shadi lag chuki fir mera dil toot gaya aur mai use prapos v nahi kiya fhir mobil wapas kar diya fir wo apne ghar k no, se phon karne lagi,
    baate har roz hoti thi fhir v mujhe kuchh achha lagat tha aur mai surat chala aaya yaha par v har roz baate hoti thi fhir maine usase pucha tum mujhse pyar karti ho usane jawab nahi diya.fhir
    Mai usase ‘I LOVE U’ bola aur wo hasi lekin wo mujhase pyar nahi karti thi fhir wo boli mobil papa le kar ja rahe h ab baat nahi ho payegi,
    2 mahine ho gaya aaj tak uska phon nahi aaya
    aur mujhe intjar hai usaka kyoki wo mera sachha pyar hai aur mane kasam khae ki wo nahi mili to es jindgi me shadi nahi karoonga.

  15. Ek ladka or ladki ek dusreko bahut
    pyar karte the.
    Ek din ladki mar gayi, usne swarg me
    se
    ladke ko kaha, “ek wada tha tera har
    wade ke piche, tu milega muje har
    gali
    har darwaje ke piche. Par kyun tu itna
    BEWAEAA nikla, ek tu hi neahi tha
    mere
    janaze ke piche”
    ladke ne ankh me ashu ke sath javab
    diya, “ek wada tha mere har wade k
    piche,
    milunga tuje har gali har darwaje ke
    piche. Tune hi mud kar nahi dekha, ek
    aur janaza tha tere janaze k piche

  16. wqehdu hdgbqwd hvb

  17. Dekho jo ho gya so ho gya honi ko koi nahi tal sakta ab apni aage ki life dekho or bas yahi samjo ki jatin al bhi tumhare sath he or pass me kyoki ye zindagi hei esi chiz koi bhi aj din tak pyar me chan se nahi reh paya he kyoki mere khud ke sath bhi esa hua hai or jine ki chahat bhi nahi he to fir bhi jee raha hu or har pal khus rehne ki sochta hu isliye tum bhi khus rehne ki kosish kro kyoki ye ek zindagi he jeena yaha marna yaha All the best new life.MGL.Da

  18. FIRST of all aap mujeh yeh batatyiye ki wo mar gaya kya ….or agar mar gya hai to aapki wajah se mara hai..aap ne kabhi uski ek doll bhi nahi dekhi ki wo mujhe humesha doll hi kyo deta hai ..kabhi use samjhane ki kosis nahi ki ..agar aap usse pyar karti thi to at least 1 baar to sochti ki woh humesha aapko gudiya kyo deta hai koi to reason hoga lekin aapne yeh sochne ki wajha es baat per jayda dhayan diya ki wo aapko i l u kab kahega … and es story ko read karke mujhe aapke liye nahi but us ladke ke liye bahot bura lag raha hai..aap kitni stupid ho………..so sad

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