UA-37077090-1 वह मेरे दिल में हमेशा रहेंगे याद बनकर

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Sad Love story वह मेरे दिल में हमेशा रहेंगे याद बनकर


Sad Love story वह  मेरे  दिल  में  हमेशा  रहेंगे  याद  बनकर

सलाम …. मैं  नाज़  हूँ  मैं  अपनी  कहानी  बस  इसलिए  लिख  रही  हूँ क्यूंकि आज  तक  मुझे  समझ  नहीं  आई  की  मेरी  जिंदगी  में  जो  कुछ  भी  हुआ  उसकी  वजह  क्या  थी?

बात तब  की  है  जब  में  8th  क्लास  पास  आउट  करके  9th में  गयी  थी. मैं  अपने  घर  में  सबसे  बड़ी  बच्ची  हूँ. सबकी  लाड़ली  भी  हूँ पापा  का  बिज़नेस  अच्छा  नहीं  चलने  की  वजह से  हम  डेल्ही  में  कहीं  और  शिफ्ट  हो  गए  जगह  नई थी  लोग  भी  नए  थे  मैं  बहुत  ही  शाय  थी  ज्यादा  बोलना  मेरी  आदत  नहीं  थी उम्र  के  हिसाब  से  समझदारी  ज्यादा  थी. मैंने  भी  नई  स्कूल  ज्वाइन  किया. जहां  मुझे  2 फ्रेंड्स  मिली  शमा  & पूजा …वक्त  के  साथ  हमारी  दोस्ती  गहरी होती  गई मुझे  उन  दोनों  से  कुछ  ज्यादा  ही  प्यार  हो  चूका  था खासकर  शमा  से  उसकी  नाराजगी  मुझे  परेशान  कर  देती  थी  मैं कुछ  भी  करके  उसे  मना  लेती  थी  कभी  दस  मिनट  से  ज्यादा  मैं  उसे  नाराज  नहीं  रहने  देती  थी और  पूजा  वह  बहुत  शांत  थी  कभी  नाराज  नहीं  होती  थी हम  तीनों  एक  ही कॉलोनी  में  रहते  थे शमा  और  मेरा  घर  पास  था  हम  तीनों  ने  वहीं एक  कोचिंग  सेंटर  ज्वाइन  करा  हुआ  था जहाँ  हमारे  टीचर  जो  थे  वह  भी  मुस्लिम  थे. वहीं  उनका  छोटा   भाई आता था  उनसे  पढ़ने  हमसे  2 yr सीनियर

तब  हम  9th में  थे तीनों  वहीं पढ़ते  थे तब  हम  उस  लड़के  का  बहुत  मजाक  बनाते  थे पर  यह  बात  उसे  नहीं  पता थी वह  तब  था  ही  ऐसा  पतला  सा  और  सिंपल  सा जब  वह  बच्चों  को  पढता  तो  हमे  बहुत  हंसी  आती थी पर  वह  मुझे  अच्छा  लगता  था  पता  नहीं  क्यों हम  उससे  बात नहीं  करते  थे  तब  फिर  भी  अच्छा  लगता  था उसे  चुपके  देखना  उसकी  मुस्कराहट  से  चहरे  पे  हंसी  आती  थी पर  जानती  नहीं  थी  क्यों  धीरे  धीरे  वक़्त  गुजरा  और  हम  11th क्लास  में  आ  गए अब  वह  कभी  कभी  सर  की  जगह  आता  था हमारी  क्लास  लेने धीरे  धीरे  हम  उससे  बातें  करने  लगे  थे तब  पूजा  ने  कोचिंग  छोड़  दी  थी बस  शमा  और  मैं  ही  आते  थे वक़्त  के  साथ  शमा  और  मेरा  प्यार  भी  बहुत  बढ़  गया  था हम  बेस्टेस्ट फ्रेंड  थे हम  एक  दुसरे  से  कभी  कुछ  नहीं  छुपाते  थे उस  लड़के  का  नाम  था  फैज़ हम  अच्छे  दोस्त  बन  चुके  थे मेरे  दिल  में  उसकी  जगह  बहुत  खास  थी  पर  क्या  ये  पता  नहीं  था मेरी  जिंदगी  में  पहला  लड़का  था  जो  मेरा  फ्रेंड  था धीरे  धीरे  वक़्त  निकला  शमा  मैं  और  फैज़  अच्छे  दोस्त  बन  गए वह  हमारी  हर  प्रॉब्लम  सुनता  अपनी  प्रॉब्लम  शेयर  करता 11th के  एग्जाम  के  बाद  मुझे  गाँव  जाना  पड़ा  मैंने  कोचिंग  से  भी  छुट्टी  लेली

जब  मैं  गाँव  गयी  तो  अजीब  सी  हालत  हो  गयी  मेरी  दिन  दिन  भर  अकेली  बैठी  रहती  थी  बस  फैज़  की  बातें  और  वह  वक़्त  याद  आते  थे  जब  हम  साथ  थे मुझे  कुछ  समझ  नहीं  आ   रहा  था  की  यह  सब  क्यों  हो  रहा  है मैं  परेशान  थी सोचती  रहती  थी  कब  वापिस  जाकर  अपनी  परेशानी  शमा  से  बताऊँ. मुझे  यकीं  था  की  वह  समजह  जाएगी मुझे  शक  था  की  कही  मुझे  फैज़  से  प्यार  तो  नहीं  हो  गया पर  सोचती थी  नहीं वह  तो  मुझे  कितने सालो से  अच्छा  लगता  है  और  अगर  यह  प्यार  है  भी  तो  मुझे  पता  होना  चाहिए  न. 22 दिनों  के  बाद  हम  डेल्ही  आ  गए मैं  रात  को  2 बजे  घर  पहुंची  और  इंतजार  करने  लगी  की  कभ  सुबह  हो  और  मैं  शमा  को  ये  बात  बताऊँ  और  सबसे  ज्यादा  इंतजार  था  फैज़  को  देखने  का सुब्हे  हुई  और  6 बजते  ही  मेने  शमा  को  बुलवाया  मैं  किचन  में  थी  वह  मुझे  देखकर  बहुत  खुश  थी  और  मैं  भाई मैंने  उससे  पूछा  की  सभ  कैसे  है पूजा  किसी  है ? और  फैज़  भी उसने  मुझे  बताया  की  उसे  मुझसे  कुछ  कहना  है वह  कबसे  मेरा  इंतजार  कर  रही  थी  इसके  लिए मैंने  पुछा  की बता  मुझे  भी  कुछ  बताना  है  तुझे  फिर  तो  उसने  मुझसे  वह  कहा  जो  सुनकर  मैं  भूल  गयी  की क्या  रियेक्ट  करना  है  मुझे  मैं  सुन्न  हो  गयी  थी  पता  नहीं  क्यों

शमा  ने  मुझे  बताया  की  वह  फैज़  को  लाइक करने  लगी  है  और  शायद  वह  भी  उसे  करता  है मैंने  पुछा  की  तू  बस  लाइक करती  है  या  कुछ  ज्यादा  तो  उसने  कहा  लाइक से  ज्यादा उसने  कहा  मुझे  उसके  साथ  रहना  अच्छा  लगता  है  यहाँ  तक  की  अगर  वह  किसी  और  लड़की  का  नाम  तक  लेता  है तो  उसे  तकलीफ  होती  है  यहाँ  तक  की अगर  वह  मेरा  नाम  भी  लेता  है  तो  उसे  बुरा  लगता  है जो  उससे  मैं  पूछने  वाली  थी  वही  वह  मुझसे  पूछ  रही  थी मैंने  उससे   कहा  की  तुझे  प्यार  हो  गया  है  उससे वह  खुश  थी  पर  मेरे  अंदर  कुछ  बहुत  तकलीफ  हो  रही  थी मैंने  कोचिंग  ज्वाइन  नहीं  की  दोबारा  पर  वह  मेरे  बारे  में  पूछता  रहता  था  की  फ़िज़ा  क्यों  नहीं  आती जब  एक  महीने  तक  मैं  नहीं  गयी  तो  उसने  धमकी  दी  की  अगर  मैंने  ज्वाइन  नहीं  किया तो  वह  पापा  से  बात  करेगा  की  मैं  क्यों  नहीं  आती  मुझे  फ़ैल  होना  है  क्या? मजबूरन  मुझे  ज्वाइन  करना  पड़ा  मैं  खुश  थी  की कम से  कम  उसे  देख  तो  सकूंगी  मुझे  यही  लगता  था  की  वह  शमा  को  प्यार  करता  है शमा  एक  दिन  बहुत  रोने  लगी  स्कूल  में  मैंने  उससे  बहुत  पूछा  तो  उसने  बस  इतना  कहा  की  जब  नार्मल  बात  करनी  होती  है  तब  फैज़  को  वह  याद  आती  है  और  जब  उसे  अपनी  कोई  प्रॉब्लम  शेयर  करनी  होती  है  तब  उसे  फ़िज़ा  याद  आती  है


इतना  सुनते  ही  मैं  समझ  गयी  की  शमा  के  मन में  शक  है  मुझे  लेकर मैंने  उसे  समझाया  की  मैं  उसकी  बस  एक  फ्रेंड  हूँ उसने  कहा  की  अगर  कभी  उसने  तुझसे  शादी  के  लिए  पूछा  तो  तू  क्या  करेगी  मैंने  कहा  नहीं कर  दूंगी  और  क्या तो  उसने  कहा  की  हाँ  तू  कभी  उसे  हाँ  मत  करियो  मैं  नहीं  चाहती  की मेरा  प्यार  छीन जाये अगर  ऐसा हुआ  तो  मैं  बर्दाश्त  नहीं  कर  पाऊँगी फिर  उसने  कहा  की  तूं मेरी एक  हेल्प  करेगी  तू  जाकर  उसे  बता  की  मैं  उसे  प्यार  करती  हूँ नेक्स्ट  डे  मेने  स्कूल  ऑफ  किया  और  मॉर्निंग  क्लास  के  लिए  रुक  गयी  कोचिंग  में वह  नाराज  हुआ  की  छुट्टी  क्यों  की  मैंने  कहा  की  कुछ  बात  करनी  है  आपसे  वह  खुश  हो  गया  कहने  लगा  बताओ  क्या  बात  है मैंने  कहा  शमा  आपको  लाइक  करती  है  बहुत  ज्यादा  परेशान  है  वह  अस  अ  फ्रेंड  मैं  उसकी  ख़ुशी  चाहती  हूँ  आप  उसे  हाँ  बोल  दो  प्लीज फैज़  ने  कहा  मैं  भी  तो  तुम्हारा  फ्रेंड  हूँ  मेरी  ख़ुशी  का  क्या मैंने  कहा  की  शमा  बहुत  अच्छी  लड़की  हैं  वह  आपकी  बहुत  केयर  करती  है उसने  कहा  की  वह  शमा  के  बारे  में  ऐसा  नहीं  सोचता  मैंने  पूछा  क्यों  नहीं  और  अगर  नहीं  भी  तो  अब  सोचलो  वरना  वह  बहुत  दुखी  होगी रोयेगी  और  मैं  उसे  रोता  नहीं  देख  सकती तब  उसने  कुछ  ऐसा  कहा  की  उसने  कहा  की  मैंने  जिंदगी  में  बस  तुम्हारे  बारे  में  सोचा  है  और  तुम्हारी जगह  कोई  और  नहीं  ले  सकता मैं  यह  सुनकर  भी  कुछ  नहीं  समझ  रही  थी  मुझे  समझ  आ  गया  था  की  वह  मुझे  प्यार  करता  है  पर  मेरा  रेस्पॉन्स  नार्मल  था  मैंने  फिर  यही  पूछा  शमा  को  क्या  बोलू  बताओं  ना   हाँ  करदो  न  उसे वह  हैरान  था  कहने  लगा  मैं  तुम्हे  पसंद   करता  हूँ  उसे  नहीं मुझे  वह  मिल  रहा  था  जिसकी  मुझे  जरूरत  थी  पर  मैं  खुश नहीं  थी  मुझे  पता  था  यह  बात  हम  तीनो  की  दोस्ती  ख़त्म  कर  देगी  खासकर  के  शमा  और  मेरी  मैंने  उसे  मना  कर  दिया  की  यह  नहीं  हो  सकता  क्यूंकि   शमा  को  मैं  धोखा  नहीं  दे  सकती  पर  उसे  यकीं  था  की  मैं  भी  उसे  प्यार  करती  हूँ

मैं  वहां  से  चली  गयी  लेकिन  उसने  यह  साडी  बातें  शमा को  बतादी  और  कहा  की  मैं  सिर्फ  शमा  की  वजह  से  उसे  मना  कर  रही  हूँ शमा  और  मैं  पूरे  रस्ते रोते हुए  आये   घर  आकर  भी  हम  दोनों  बहुत  रोये  वह  इसलिए  रो  रही  थी  की  फैज़  उसे  नहीं  मुझे  पसंद  करता  है  और  मैं  इसलिए  की  शमा  रो  रही  थी  और  मुझे  पता  था  की  अब  मैंने  अपनी  दोस्त  को  खो  दिया  है शमा  ने  मुझसे  कहा  की  तू  उसे  प्यार  करती   है  सच  बता मैंने  जवाब  दिया  की  हाँ  9th से तो  उसने  कहा  की  या  तो  मैं  शमा  को  चुन  लू  या  फैज़  को मैं  क्या  करती  प्यार  बेपनाह  था  फैज़  के  लिए  इतना  की  मेरी  हर  बात  में  उसका  ज़िकर  था पर  दोस्ती  को  रुलाकर  वह  ख़ुशी  नहीं  पा  सकती  थी सो  मैंने  फैज़  को  मना  कर  दिया  और  कुछ  वक़्त  तक  उससे  बात  करनी  कम  करदी शमा  उसकी  दोस्त  तब  भी  थी  पर  मैं  दोस्त  भी  नहीं  बन   सकी  उसकी कुछ  वक़्त  बाद  शमा  ने  कहा  की  उससे  साफ  साफ  कहदे  की  तेरा  अब  उससे  कोई  मतलब  नहीं  है  उससे  बात  करना  भी  बंद  करदे मैंने  कोचिंग  छोड़  दी  वह  भी  तब  जब  12th के  फाइनल  एग्जाम  आने  वाले  थे  और  उसे  जाकर  कह दिया  की  मुझे  भूल  जाना  अब  मैं  कभी  आपको  मिलूंगी  नहीं  कभी  बात  नहीं  करुँगी  अस  अ  फ्रेंड  भी  नहीं  और  जाने  लगी  तो  उसने  मुझसे  कहा  की  मुझे  खुद  पे  यकीं  है  की  वह  हमे  जरूर  मिलाएगा  मुझे  पता  है  तुम  मुझे  प्यार  करती  हो  और  मैं  तुम्हारा  इंतज़ार  करूँगा उसने  देखा  नहीं  पर  मैं  रोते हुए  वहां  से  चली  गयी  मैं  खुद  अपने  हाथों  अपना   प्यार  गवाकर  आ  रही  थी बहुत  दर्द  था  पर  उसे  बताने के  लिए  कोई  नहीं  था  पर  एक  उम्मीद  थी  जो  उसने  मुझे  दी  थी  की  हम  जरूर  मिलेंगे प्यार  खो  चुकी  थी  दोस्ती  के  लिए  पर  मेरी  किस्मत  की  वह  दोस्ती  भी  मेरी  नहीं  रही शमा  बदल  चुकी  थी  उसके  दिल  में  मेरे  लिए  नफरत  थी  वह  मुझे  ताने मारती थी  की  मैंने  उसके  साथ  धोखा  किया  है  और  उसकी  सबसे  कीमती  चीज  उससे  छीन  ली कहती  थी उसने  गलती  की  मुझपे  यकीं  करके मैं  उससे  मिलने  के बाद  घर  आकर  बहुत  रोती थी  की   मैंने  प्यार  भी  खो  दिया  और  दोस्त  भी पर  कभी  बताती  नहीं  थी

इस  तरह  दो  साल  निकल  गए  और  एक  दिन  अचानक  मेरा  मन  बेचैन  हो  गया  की  एक  बार  फैज़  को  देखना  है  यूँ  लग  रहा  था  की  अगर  अब  नहीं  मिली  तो  शायद  कभी  नहीं  मिल  पाऊँ और  मैं  गयी  उससे  मिलने इतने  वक़्त  के  बाद  उसे  देखना  एक  सपना  था  मैं  रोना  चाहती  थी  पर  रो  नहीं  सकी  उसे  ध्यान  से  देखना  चाहती  थी  पर  देख  नहीं  सकी क्यूंकि  आदत  नहीं  थी ना अपनी  फीलिंग्स  उसे  दिखाने की  वह  बहुत  खुश  था  मुझे  देखकर  बातें  की  हमने खूब  सारी उसमे  शिकायते  थी  उसकी  और  मेरा  दर्द  था  जिसे  मैं  हंसकर बता  रही  थी फिर  मैंने  उसे  पूछा  की  कोई  मिली  तो  उसने  कहा  मेरी  फ़िज़ा  की  जगह  और  कोई  नहीं  ले  सकता  मैं  यह  सुन  कर  इतनी  खुश  हुई  जितनी  की  तब  भी  नहीं  थी  जब  पहली  बार  उसने  ये  कहा  था  और  घर  चली  गयी

अगले  दिन  जब  मैं  फिर  गयी  उसे  मिलने  तो  मैंने  कहा  की  मुझे  कुछ  कहना  है  तो  जनाब  ने  कहा  की  फ़िज़ा  मेरी  लाइफ  में कोई  और  लड़की  आ  चुकी  है  प्यार  मैं  तुमसे  ही  करता  हूँ  पर  वह  लड़की  बहुत  कुछ  है  मेरे  लिए  मैं  उसे  छोड़  नहीं  सकता मैं  उसी  से  शादी  करूँगा मैं  खुश  होने  का  दिखावा  करके  घर  आ  गयी  की  कोई  बात  नहीं  आप  खुश  रहना  बस. यह  2007 की  बात  है  2012 में  अक्टूबर  में  उसका  फोन आया  की  उसकी  बेटी  हुई  है  और  उसका  नाम  फ़िज़ा  रखा  है  उसने  क्यूंकि  कभी मैंने  ही  कहा  था  उसे वह  चाहता  था  की  मैं  उसकी  ज़िंदगी  में  लौटकर  आ  जाऊ उसकी  दोस्त  बनकर  पर  मैं  नहीं  चाहती  की  मेरी  दोस्ती  उसकी  लाइफ  में  प्रॉब्लम  लाये खुदा  उसे  हर  ख़ुशी  दे

अगर  कोई  उनको  जनता  हो  तो  प्लीज  उनको  कहना  की  एक  बार  मुझे  कांटेक्ट  करले  मुझे  उनसे  बात  करनी  है  एक  बार वह  मेरे  दिल  में  हमेशा  रहेंगे  याद  बनकर रहंगे  याद  बनकर  एहसास  बनकर प्यार  नहीं  क्यूंकि  उनपे  अब  उनकी  बीबी  का  हक़  है  !!


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Updated: May 22, 2015 — 8:25 am

3 Comments

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  1. Very heart touching love story…..superb

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