UA-37077090-1 Holi hindi love story: मैं उसे भूल नहीं पा रहा

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Holi hindi love story: मैं उसे भूल नहीं पा रहा


Holi hindi love story: मैं उसे भूल नहीं पा रहा

फ्रेंड्स, आज मैं आप सबको अपनी लव स्टोरी (इन हिन्दी) सुनाने जा रहा हूँ. ये बात तब की है जब मैं 16 साल का था और मैं होली की छुट्टियों में अपने मामा जी के यहाँ देहरादून गया हुआ था. मेरा कज़िन संजय मेरी ही उमर का था. वो वहाँ केवी में पढ़ता था. हम दोनों में बहुत अच्छी पटती थी जैसे हम भाई ना होकर दोस्त हों. ना तो वो कोई बात मुझसे छुपाता था ना ही मैं कोई बात उससे छुपाता था.

संजय ने इस बार जो मुझे बताया कि उसकी एक गर्ल फ्रेंड बन गयी है तो मुझे बहुत आश्चर्य हुआ. ये मेरे लिए सर्प्राइज़ था. उसने बताया कि उसकी गर्ल फ्रेंड रिचा है. मैं रिचा को जानता था. वह मेरे मामा जी के घर वाली कॉलोनी में ही रहती थी. संजय ने बताया कि वो दोनों एक ही टीचर से मैथ्स की ट्यूशन पढ़ रहे थे दसवीं की. वहीं से वापस घर आते समय दोनों का रास्ता एक होने की वजह से संजय कभी कभी उसे अपनी बाइक पे लिफ्ट दे देता था. बचपन से जान पहचान की वजह से ना तो संजय के घर वालों ने कुछ कहा ना ही रिचा के घर वालों ने. फिर धीरे धीरे उन दोनों की दोस्ती बढ़ती गयी और अब तो संजय को रिचा से प्यार हो गया था.

संजय ने कहा कि उसे लगता है रिचा भी उससे प्यार करने लगी है पर उन दोनों के बीच में ये बात कभी हुई नहीं है. फिर संजय ने कहा कि वो मुझे रिचा से मिलवाएगा. मैं भी मन ही मन रिचा को देखना चाहता था कि अब वो कैसी दिखती है.

लेकिन ऐसे ही दो दिन निकल गये और हम दोनों का टाइम इधर उधर घूमने में निकल गया. संजय इस बीच ट्यूशन भी नहीं गया तो मेरी रिचा से मुलाकात भी नहीं हो पाई.

फिर होली आ गई. होली के दिन हमने बहुत मस्ती की. पहले तो घर में सबके साथ होली खेली फिर उस गली में जितने भी लड़के लड़कियाँ थे सबने मिल के होली खेली. सब हमारी ही एज के थे तो बहुत मस्ती हुई.


फिर संजय ने कहा मैं ज़रा रिचा के घर हो के आता हूँ. पहले तो मैने मना कर दिया लेकिन जब उसने कहा चल ना, तो मैं भी चल पड़ा.
संजय को देख के रिचा बहुत खुश हुई. उसने सफेद कपड़े पहन रखे थे जो होली खेलने के कारण रंग बिरंगे हो गये थे. एक दम गोरे गोरे और सुंदर चेहरे पे गुलाल लगा हुआ था और वो बहुत ही ज़्यादा खूबसूरत लग रही थी. संजय और रिचा ने एक दूसरे को कलर लगाया और फिर वो कुछ बातें करने लगे.

मैं तो बस रिचा को देखता ही रह गया. अचानक रिचा की आवाज़ आई, ऐसे ही देखते रहोगे कि होली भी खेलोगे? और ये कह के उसने मेरे गालो पे बहुत सारा रंग और गुलाल लगा दिया. मैं फिर भी बस उसे देखता ही रहा. संजय ने कहा कि ये शर्मा रहा है. ये सुन के रिचा हंस पड़ी. उसकी हँसी भी बड़ी खूबसूरत थी.

फिर कुछ देर बाद हम दोनों वापस आ गये. लेकिन मेरी आँखों में बस रिचा का चेहरा ही घूम रहा था. फिर मेरा मन वहाँ नहीं लगा. हर वक़्त बस रिचा का ख़याल आ रहा था.

लेकिन मैने सोचा कि संजय मेरा भाई और दोस्त है. मुझे मन में रिचा का ख़याल नहीं रखना चाहिए. पर रात भर रिचा का चेहरा वो गुलाबी रंग में रंगा हुआ मेरी आँखों के सामने आता रहा और मैं सो नहीं पाया.

अगले दिन मैं कुछ बहाना बना कर मामा के घर से वापस आ गया क्यूंकी मुझे लगा की अगर मैं वहाँ रहा तो मेरे मन में रिचा ही आती रहेगी.
दोस्तों, बस वो दिन है और आज का दिन है. मैने बहुत लड़कियों को देखा. एक दो से दोस्ती भी हुई. लेकिन आजतक कोई भी लड़की मुझे रिचा से अच्छी नहीं लगी. मुझे आज भी उसकी याद आती रहती है और कानों में उसकी हँसी गूँजती रहती है.

मैं उसे भूल नहीं पा रहा, क्या करूँ?

hindi love story by Vaibhav

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Updated: June 4, 2015 — 12:01 am

4 Comments

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  1. Love nhi e ek attraction h bhul jao kya h him purani BT ko bhul nhi bate kyo ki him vo hi sochte rahte ap ko usse acchi milegi gf

  2. Rakesh ranjan bittu

    nice story and so gotchers aapko dusri ki gf k bare .m aisa nae sochna chaye

  3. Rakesh ranjan bittu

    Nice story

  4. Hiii abhinav ji, maine apke story read ke acche lge but kuch ajeev si bhi lge qki kise aur ke girlfriend ko pyar se dekhna to alg bt aisa sochna v ni chahiye it is wrong dear, me fb, whatsaap pr nhe hun warna main apse dosti krti aur apko jarur usey bhulne ke ware me btati.Agr apko hmse dosti krni hai to iss story me apna n. Post kro fir hm sms se bt krte h. Take care dost

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