UA-37077090-1 Real Hindi Love story उस पूरी रात मेरी आँखो में आँसू थे

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Real Hindi Love story उस पूरी रात मेरी आँखो में आँसू थे


Real Hindi Love story उस पूरी रात मेरी आँखो में  आँसू थे

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम   सागर, मैं बुलंद शहर का रहने  वाला हूँ और BA फाइनल ईयर कर रहा हूँ. आज मैं आप लोगो के  सामने अपनी एक अधूरी लव  स्टोरी शेयर करने जा रहा हूँ जो  कभी पूरी नहीं हो सकी.

(Read this story in Roman hindi)

बात तबकि है जब मेने अपना 12 का  एग्ज़ॅम देने के बाद घर के पास में ही अपना इंग्लीश स्पीकिंग  लॅंग्वेज का ट्यूशन लगा लिया था क्यूंकी अब में स्कूल की पढ़ाई  से फ्री हो गया था और छुट्टियां भी पढ़ गयी थी, वहाँ  ट्यूशन  में मेरा अभी कोई फ्रेंड नहीं बना था क्यूंकी अभी  में न्यू स्टूडेंट था और फिर कुछ दिनों में ही मेरे 2 फ्रेंड  बन गए।  एक का नाम संजय था और दूसरे का नाम कमाल,  ट्यूशन  के बाद हम लोग काफ़ी मस्ती किया करते थे और दोनो की  अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड भी हुआ करती थी और अभी मैं सिंगल था  यानी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी.

फिर एक दिन मैं ट्यूशन  में 10  मिनट लेट आया और जब ट्यूशन  पहुँचा तो देखा की ट्यूशन  में एक  आंटी किसी लड़की को ले कर आई है, मैं चुप-चाप क्लास के अंदर  आ कर दोस्तो के साथ चेयर में बैठ गया और सर उन लोगो (आंटी  और लड़की) से बात कर रहे थे तो उन लोगो की बात से पता चला की  वो आंटी उस लड़की की मामी जी है जो उसका अड्मिशन करने आई  है यहा ट्यूशन  में और उसकी मामी ये भी बोल रही थी के ये  देल्ही में रहती है और अभी 10th का एग्ज़ॅम दे कर यहा अपनी नानी  जी के घर आई हुए है और करीब 3 months के लिए यहाँ आई  है,

मैं उस लड़की को लगातार देख रहा था क्यूंकी वो बहुत  ब्यूटिफुल साथ में क्यूट भी थी लेकिन उसने मुझपर कुछ खास  ध्यान नहीं दिया और फिर उन लोगो की कॉन्वर्सेशन ख़तम हो  गयी और अच्छी  बात ये थी के सर ने उस लड़की का ट्यूशन  टाइम  हमारे बैच में ही रख दिया था.

फिर अगले दिन मैं ट्यूशन   में 10 मिनट पहले ही आ गया था क्यूंकी आज से वो लड़की भी  ट्यूशन  पढ़ने आने वाली थी और फिर वो लड़की वहाँ 5 मिनट पहले  आ गयी, जैसे ही हम क्लास में गए हमने सर को  विश किया और फिर जाकर चेयर में बैठ गए बैठ गये.   फिर सर ने उस लड़की का  इंट्रो लिया तब जा कर मुझे पता चला की उसका नाम  माधुरी है.

फिर हम अपनी क्लास करने लगे लेकिन अब मेरा ध्यान पढ़ाई से ज्यादा मधुरी पर जाने लगा, मैं चाह कर भी  कोशिश करता की उसकी तरफ ना देखु फिर भी मेरे आँखें उसकी और  चली जाती, टाइम बीतता गया और फिर मेने सोचा की अब मैं किसी  ना किसी बहाने माधुरी से बात करूँगा लेकिन कोई मौका ही  नहीं मिला ये बात मैंने अपने दोनो दोस्तो से भी शेयर की तो  उन्होने बोला की कोशिश करता रह और मौका मिलने पर उसे अपने  दिल की बात बता देना और जहाँ हमारे ज़रूरत होगी हम तेरी  हेल्प करेंगे.


फिर एक दिन मधुरी ग़लती से पेन लाना भूल गयी  ट्यूशन  में और फिर मैंने इसी बहाने जल्दी से उसे अपना पेन ऑफर  किया और उसने मेरा पेन ले कर मुझे एक हल्की से स्माइल दे कर  thanks बोल दिया, उस टाइम मुझे इतने khushi हुए जेसे मानो  बरसो से जो मौका मैं तलाश रहा था वो आज मुझे मिल गया  हो. फिर ट्यूशन  के बाद मधुरी ने मुझे मेरा पेन वापिस कर के  मुझे फिर एक बार थॅंक यू बोला और इसी बहाने मैंने उसके  बारे में उससे पूछा तो उसने मुझे बताया की वो देल्ही में  रहती है और 10th के एग्ज़ॅम दे कर यहाँ अपनी नानी जी के यहाँ  रहने आई है, मैंने ये बात  तभी सुन ली थी जब उसकी  मामी उसका अड्मिशन करने के लिए सर से बात कर रही थी लेकिन  ज़रूरी ये था की केसे माधुरी से बात की जाए और फिर इधर-उधर  के बात करने के बाद हम दोनो एक दूसरे को बाइ बोल कर अपने  अपने घर चले गए .

टाइम बीतता गया और हमारे बीच  में काफ़ी बातें होने लगी फिर एक दिन मैंने माधुरी  से उसका  नंबर माँग लिया क्यूंकी अब हम दोस्त बन गए थे फिर उसने  मुझे अपना नंबर दिया और हम अक्सर फोन में और एसएमएस में बात  करने लगे फिर एक दिन मुझे ये एहसास हुआ की अब  मुझे माधुरी को अपने दिल की बात बता देनी चाहिए क्यूंकी अब  मैं उससे प्यार करने लगा था लेकिन इसी बात से डर रहा था के  अगर उसे मैं पसंद नहीं आया तो कही हमारी दोस्ती भी  ख़तम ना हो जाए इसी बात के डर से मैं उसे अपनी दिल की बात  बताने में डरने लगा

फिर एक दिन ये बात मेने अपने दोस्त  संजय से कही और उसने मेरी बात सुन कर बोला के ठीक है  मैं तेरे लिए कुछ करता हूँ, फिर अगले ही दिन ट्यूशन  की छुट्टी के  बाद संजय खुद मधुरी के पास मेरी बात करने के लिए  गया  और करीब 10 मिनट  बाद वो वापिस आया और फिर माधुरी ने मेरी   तरफ देखा और अपने घर चली गयी

मुझे डर भी लग रहा  था और एक उमीद भी थी के शायद वो मान गयी होगी फिर  संजय मेरे पास आया और उसने बताया की वो बोल रही थी के  मैं खुद उससे बात करूँगी, ये सुनते ही मैं डर गया और फिर  घर पहुँचने के बाद मैंने अपने फोन में माधुरी की 2  मिस कॉल देखी और फिर मैंने उसे कॉल किया और फिर जब उसने उठाया  तो वो कुछ नहीं बोली और मैंने उसे बिना किसी बात के सॉरी बोल  दिया क्यूंकी मुझे लगा था की शायद वो नाराज़ है और फिर उसने  मुझे बोला की आपने संजय को क्या बोला था? तो में उसे बोला  वहीं जो उसने तुम्हे बोला फिर उसने बोला की वो बात मैं आपके  मुंह से सुनना चाहती हूँ और फिर मैंने  हिम्मत कर के उसे अपने  दिल की बात बता ही दी, वो थोड़ी एमोशनल सी होने लगी और उसने  मुझे बताया की मेरे घर वाले कभी इस रिलेशनशिप को आक्सेप्ट  नहीं करेंगे और मैं तो आपको अपना जस्ट फ्रेंड ही मानती हूँ

ये सुन कर मुझे बहुत बुरा लगा और फिर मैंने अपने आप फोन  काट दिया. फिर रात भर मैं इसी बात को ले कर सो नहीं पाया की  आख़िरकार  वहीं हुआ जिसका मुझे डर था फिर अगले ही दिन उसने  मुझसे बात की और हमारे बीच अब क्लियर हो गया था की वो  मुझसे प्यार नहीं करती और इसी बात को ले कर मैंने उससे बात  करना भी छोड़  दिया

फिर टाइम बीतता गया और कब 3 महीने कंप्लीट हो गए पता ही नहीं चला फिर एक दिन मधुरी ने सर को बोला की सर मैं अब कल से ट्यूशन  नहीं आऊँगी  क्यूंकी मैं अब  वापिस अपने घर यानी देल्ही जा रही हूँ ये सुनते ही  मुझे बहुत  बुरा लगा और ट्यूशन  के बाद माधुरी ने मुझसे लास्ट बार बात  की और कहा की आपको मुझसे भी अच्छी लड़की मिलेगी और आप अपने  करियर में भी ध्यान देना और अपना ख़याल रखना इतना कह  कर वो चली गयी

उस पूरी रात मेरे आँखो में  आँसू थे और फिर उसके बाद कई बार मैंने माधुरी को कॉल करने  की भी कोशिश की लेकिन फिर उसका नंबर भी ऑफ हो गया और फिर  टाइम बीतता गया और आज करीब 2 साल होने को आए है मेरी इस  अधूरी लव स्टोरी को लेकिन टाइम के साथ-साथ अब मैंने अपने आप  को संभाल लिया है.

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Updated: September 21, 2016 — 11:52 pm
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